सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन टर्मिनल, एयरस्ट्रिप, पार्किंग और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की प्रगति का जायजा लिया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की तैयारियों की समीक्षा की।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन की नई तारीख 30 अक्टूबर तय, जल्द हो सकता है ऐलान
पहले चरण का कार्य 29 सितंबर 2024 तक पूरा होना था और दिसंबर 2024 में एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रस्तावित था। लेकिन निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने के कारण तारीख अप्रैल 2025 तक बढ़ाई गई। इसके बाद मानसून के चलते काम में फिर रुकावट आई।
इन परिस्थितियों में एविएशन मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को नई संभावित तारीख तय की थी। बताया गया था कि इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे, हालांकि यह तारीख अब आगे भी बढ़ सकती है।
इसी सिलसिले में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट का हवाई सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर अब प्रधानमंत्री से समय मांगा जाएगा। उम्मीद है कि एयरपोर्ट का उद्घाटन नवंबर या दिसंबर में किया जा सकता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट की प्रगति रिपोर्ट पर प्रस्तुति दी गई। बैठक में पहले चरण के निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति और अगले चरणों की योजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सेवाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने एयरस्ट्रिप और टर्मिनल का किया दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निरीक्षण के दौरान एयरस्ट्रिप, टर्मिनल, एयरब्रिज सहित अन्य निर्माणाधीन स्थलों का दौरा किया। इस मौके पर जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह और मंत्री बृजेश सिंह भी मौजूद रहे।
एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रोजगार और निवेश के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे।

नोएडा एयरपोर्ट के एंट्री पॉइंट पर बनीं सीढ़ियों का डिजाइन गंगा घाटों से लिया गया है। ये हिस्सा फोटो की तरह दिखाई देगा।
जेवर एयरपोर्ट: एशिया का सबसे बड़ा रनवे नेटवर्क, बनारस-हरिद्वार के घाटों जैसी होगी एंट्री
रनवे की संख्या के लिहाज से एशिया के सबसे बड़े जेवर एयरपोर्ट का प्रवेश द्वार बनारस और हरिद्वार के घाटों की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर टोल प्लाजा पार करने के बाद एयरपोर्ट साइट शुरू होती है। यात्री टर्मिनल बिल्डिंग को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जहां सुरक्षा जांच और अन्य प्रक्रियाओं के लिए अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं।
टर्मिनल का डिजाइन हवेली के आंगन जैसा
टर्मिनल के मध्य भाग में हवेली के आंगन जैसी संरचना तैयार की गई है। इसका ऊपरी हिस्सा नदी के प्रवाह जैसी आकृति वाली सफेद जालीनुमा छत से ढका है, जिससे प्राकृतिक रोशनी भीतर तक पहुंच सके।
ग्रीन एनर्जी पर जोर
एयरपोर्ट को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए यहां 50% से अधिक रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग होगा। इसके लिए सोलर प्लांट और विंड पावर सिस्टम स्थापित किए गए हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम पहुंच
टर्मिनल से एयरक्राफ्ट पार्किंग तक पहुंचने के लिए लिंक वे बनाए गए हैं। पार्किंग पॉइंट्स को आपस में जोड़ा गया है, ताकि यात्रियों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
एयरपोर्ट तक पहुंचने के मार्ग
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 70 किलोमीटर के दायरे में ग्रेटर नोएडा, नोएडा, अलीगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट स्थित हैं, जबकि आगरा 130 किलोमीटर दूर है। शुरुआती पांच वर्षों में एयरपोर्ट से केवल सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज एयरपोर्ट से आसपास के शहरों तक 80 बसें संचालित करेगा। पहली उड़ान शुरू होने के साथ ही ये बसें दिल्ली, मेरठ, मथुरा, आगरा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा और हापुड़ के बीच सेवाएं देंगी।
