बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने दो वर्षीय एलएलएम कोर्स बंद कर दिया है। बीसीआई ने वीकेंड कार्यक्रम को अव्यवहारिक करार दिया था। इसके चलते विश्वविद्यालय ने 40 छात्रों की फीस वापस कर दी है। हालांकि, पिछले सत्र के छात्रों की पढ़ाई पूर्ववत जारी रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीसीआई के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया है।

गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में संचालित दो वर्षीय वीकेंड एलएलएम कोर्स को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के निर्देश पर बंद कर दिया गया है। इस सत्र में 40 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, लेकिन बीसीआई के आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी की फीस वापस कर दी है।
एलएलएम की डिग्री प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए यह फैसला झटका साबित हुआ है। बीसीआई ने वीकेंड पाठ्यक्रम को अव्यवहारिक बताते हुए इसे समाप्त करने का निर्देश दिया था। फिलहाल, पिछले सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूर्व निर्धारित अनुसार जारी रहेगा।
जीबीयू के स्कूल ऑफ लॉ के अधिष्ठाता डॉ. के.के. द्विवेदी ने बताया कि बीसीआई ने 25 मई को पत्र जारी कर इस कोर्स को बंद करने के निर्देश दिए थे।
बीसीआई का पत्र जारी होने तक जीबीयू में दो वर्षीय एलएलएम कोर्स की सभी 40 सीटों पर विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका था। इस स्थिति में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बैठक कर निर्णय लिया कि इस सत्र में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों की फीस वापस की जाएगी।
बीसीआई ने अपने पत्र में पाठ्यक्रम बंद करने का कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विधि शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, अखंडता बनाए रखना और कानूनी पेशे की विश्वसनीयता को कायम रखना है।
गौरतलब है कि जीबीयू ने पिछले सत्र में दो वर्षीय एलएलएम कोर्स 30 सीटों के साथ शुरू किया था, जबकि इस वर्ष सीटें बढ़ाकर 40 कर दी गई थीं।
