ग्रेटर नोएडा में टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार फरहान नबी सिद्दीकी की दो कंपनियों की जांच शुरू हो गई है। जीएसटी विभाग ने दोनों कंपनियों का पंजीकरण निलंबित कर दिया है और उनके कारोबार की जांच जारी है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि कंपनियों ने किन व्यक्तियों और फर्मों से व्यापार किया और क्या किसी बोगस कंपनी के साथ लेन-देन हुआ।

उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग गौतमबुद्ध नगर जोन की टीम ने टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार फरहान नबी सिद्दीकी की दो कंपनियों की जांच शुरू कर जीएसटी पंजीकरण निलंबित कर दिया है। जवाब मिलने के बाद पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने दोनों कंपनियों के कारोबार की भी विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जांच पूरी होने पर कंपनी पर अर्थदंड लगाए जाने की भी संभावना है। यूपी एटीएस ने 8 नवंबर को ग्रेटर नोएडा से दिल्ली निवासी फरहान को टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास ग्रेनो औद्योगिक सेक्टर साइट-5 में एक भूखंड है, जहां इस्तांबुल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और हकीकत प्रिंटिंग पब्लिकेशन नाम से दो कंपनियां संचालित हो रही थीं।
हकीकत प्रिंटिंग पब्लिकेशन का जीएसटी पंजीकरण भले ही दिल्ली का हो, लेकिन इसी पते पर रियल ग्लोबल एक्सप्रेस लॉजिस्टिक नाम की कंपनी भी संचालित हो रही है। जीएसटी विभाग ने टेरर फंडिंग से जुड़े आरोपित की कंपनियों के व्यापारिक लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। किसे माल बेचा गया और किन कंपनियों से माल खरीदा गया—इसकी पड़ताल जारी है।
जिन फर्मों से कारोबार किया गया है, उनका जीएसटी पंजीकरण वैध है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। कुछ बोगस कंपनियों से लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। जांच पूरी होने के बाद दोनों कंपनियों पर अर्थदंड लगाए जाने की संभावना है। जीएसटी के अपर आयुक्त नोएडा जोन संदीप भगिया ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर जोन की दोनों कंपनियों—इस्तांबुल इंटरनेशनल और रियल ग्लोबल एक्सप्रेस लॉजिस्टिक—का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है।
