नोएडा के चाइल्ड पीजीआई में डॉक्टरों ने 25 दिन की एक नवजात बच्ची की संक्रमित हथेली का ऑपरेशन कर उसे काटना पड़ा। बताया जा रहा है कि दादरी के एक नर्सिंग होम में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण बच्ची के हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया था। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है, जबकि बच्ची एनआईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

25 दिन की वह मासूम, जो कभी पालने में झूलते हुए अपने अंगूठे को चूसकर मुस्कुराती थी, अब डॉक्टरों की लापरवाही की शिकार हो गई है। उन नासमझ हंसी-खुशियों से भरे पलों को गैर-जिम्मेदार चिकित्सकों ने हमेशा के लिए छीन लिया।
बृहस्पतिवार को चाइल्ड पीजीआई में डॉक्टरों ने बच्ची का ऑपरेशन कर उसकी संक्रमित हथेली को काट दिया। एनआईसीयू में ऑक्सीजन पर जिंदगी की डोर थामे मासूम दर्द से कराहती है — बोल नहीं सकती, पर उसकी सिसकियां सब कुछ कह जाती हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की पांच सदस्यीय टीम ने बच्ची की संक्रमित हथेली की सर्जरी की, जिसके बाद उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल उसे एनआईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है, जहां महिला एवं बाल रोग विशेषज्ञों के साथ चार डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम उसकी देखभाल में जुटी है।
चिकित्सकों के अनुसार, अगले 24 घंटे बच्ची के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि ऑपरेशन से पहले की गई सभी जरूरी जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गई हैं, जिससे डॉक्टरों को कुछ उम्मीद जगी है। फिलहाल एनआईसीयू में मॉनिटर यूनिट पर नर्सिंग और चिकित्सा स्टाफ की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित जांच टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। चाइल्ड पीजीआई के डॉक्टरों ने ऑपरेशन की पूरी जानकारी जांच कमेटी के अधिकारियों को भेज दी है।
जानकारी के अनुसार, दादरी स्थित रेलवे रोड पर स्थित गोपाल नर्सिंग होम में डॉक्टरों की लापरवाही से नवजात बच्ची के हाथ में संक्रमण फैल गया था। संक्रमण गंभीर होने पर उसकी हथेली काटनी पड़ी। परिजन उसे गंभीर हालत में सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई लेकर पहुंचे, जहां उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
मासूम के पिता की शिकायत पर सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है, जो मामले की जांच में जुटी है। वहीं, दादरी पुलिस ने भी सीएमओ से जांच रिपोर्ट की मांग की है।
