08 OCT 2025 नोएडा में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, AQI 300 के पार; देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बना, दिल्ली की हालत भी खराब लेकिन तुलनात्मक रूप से बेहतर

नोएडा सेक्टर-52 में घने स्मॉग के बीच दौड़ते वाहन, शनिवार सुबह 10:30 बजे धुंध में लिपटा इलाका
नोएडा में प्रदूषण का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उड़ती धूल और जहरीली हवा ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है। शनिवार को शहर देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 363 रहा, जो “अत्यधिक खराब” श्रेणी में आता है।
पिछले दो महीनों में नोएडा 10 बार देश के सबसे प्रदूषित शहरों में दूसरे या तीसरे स्थान पर रहा है। लगातार बिगड़ती हवा से शहर प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर नहीं निकल पा रहा है।
वहीं, प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग — नोएडा प्राधिकरण, बिजली निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड — केवल जुर्माना और नोटिस जारी करने तक सीमित रह गए हैं।
सड़क और पौधों पर पानी का छिड़काव अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। खुले में पड़ी मिट्टी और निर्माण स्थलों की धूल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। लोगों की शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस हैं।
जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर दोष मढ़कर पल्ला झाड़ लेते हैं। नतीजतन, लोगों को जहरीली हवा में ही सांस लेनी पड़ रही है। आसमान भले साफ दिखे, लेकिन प्रदूषण की परत दिनभर शहर पर छाई रही।
प्रदूषित शहर
शहर- एक्यूआइ
1. रोहतक- 374
2. दिल्ली- 366
3. नोएडा – 363
