नोएडा में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने के निर्देश दिए हैं। अब अभिभावक खुद तय कर सकेंगे कि बच्चे स्कूल जाएँ या ऑनलाइन कक्षाएँ लें। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को ध्यान में रखते हुए पाँचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए कक्षाएँ हाइब्रिड मोड में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी माध्यम से पढ़ाई का विकल्प दिया गया है। बढ़ते प्रदूषण के चलते शहर में ग्रेप-3 की पाबंदियाँ लागू हैं, जिनके तहत बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है।
बच्चे ऑनलाइन पढ़ें या ऑफलाइन, फैसला अभिभावकों के हाथ में
शासन के आदेश के बाद अब अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं या ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प चुन सकते हैं। यह निर्देश सीबीएसई सहित सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। प्राइवेट और शासकीय सभी विद्यालयों को कक्षाएँ हाइब्रिड मोड में उपलब्ध करानी होंगी।
