23 OCT 2025
नोएडा में एक नवजात शिशु को गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उसकी हथेली में गैंग्रीन हो गया। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अब बच्चे की हथेली काटनी पड़ेगी। इस दर्दनाक घटना से परिवार सदमे में है और उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है।

एक मासूम बच्ची, जिसने अभी ठीक से सांस लेना भी नहीं सीखा, डॉक्टरों की लापरवाही का शिकार बन गई। जिसकी नन्ही हथेली कभी खिलौनों से खेलने वाली थी, वह अब पट्टियों में जकड़ी है और कटने की कगार पर है। नवजात की मां, जिसने नौ महीने तक अपनी कोख में उसे सहेजा, आज अस्पताल के शीशे के उस पार खड़ी बेबसी से अपनी बच्ची को निहार रही है। उसका दिल हर पल तड़प उठता है, जब सोचती है कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उसकी नन्ही परी की हथेली अब सर्जरी के नाम पर काट दी जाएगी।
दादरी के चिटहैरा गांव के बालेश्वर भाटी के बड़े बेटे शिवम भाटी की शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ था। पांच अक्टूबर को शिवम ने गर्भवती पत्नी को आयुष्मान कार्ड के जरिए नवीन अस्पताल में भर्ती कराया। बेटी के जन्म से पूरा परिवार खुशियों में डूब गया था, लेकिन कुछ ही घंटों में वह खुशी दर्द और चिंता में बदल गई।चिकित्सकों ने नवजात को कमजोर बताते हुए नर्सरी में भर्ती करने की सलाह दी। परिजन उसे गोपाल नर्सिंग होम की नर्सरी में ले गए। आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद मासूम की उंगलियां और हथेली लाल पड़ने लगीं।
शिकायत करने पर डॉक्टरों ने केवल पट्टी बांधी और आश्वासन दिया कि जल्द सब ठीक हो जाएगा। अगले चार दिनों तक परिवार को झूठे भरोसे में रखा गया। 12 अक्टूबर को डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन नवजात को बिसरख स्थित निक्स अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने एनआईसीयू में भर्ती करने की सलाह दी। अंततः शिवम ने अपनी इकलौती बेटी को नोएडा चाइल्ड पीजीआई में भर्ती कराया, जहां अब चार डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है।
एक गलती से परिवार तबाह
निदेशक डॉ. अरुण कुमार हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं। लेकिन अस्पताल की लापरवाही ने परिवार को ऐसे संकट में डाल दिया है, जहां पीड़ित पिता अपनी मासूम बेटी की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। सवाल यह है कि क्या वह कभी अपनी बेटी की मुस्कुराहट को फिर से बिना दर्द के देख पाएगा?
इस घटना को सिर्फ ‘गलत इंजेक्शन’ का मामला कहकर टाला नहीं जा सकता। यह एक परिवार के सपनों के बिखरने की कहानी है, एक मां के असहनीय दर्द की गूंज है, और एक नन्हीं जान की असहाय चीख है। यह घटना एक कठोर चेतावनी है — स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही कोई साधारण चूक नहीं, बल्कि एक जीवन की कीमत होती है।
नर्सिंग होम का लाइसेंस रद की मांग
शिवम भाटी ने गोपाल नर्सिंग होम के डॉक्टरों पर अपनी इकलौती बेटी को गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए दादरी पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत मिलने के बाद दादरी पुलिस ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र भेजकर मामले की जांच के लिए समिति गठित करने और रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सीएमओ को पत्र भेजा गया। उन्हें निर्देश दिया गया है कि कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। रिपोर्ट मिलते ही विधिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डिप्टी-सीएमओ पहुंचे चाइल्ड पीजीआई
सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ रविंद्र कुमार और मैटरनिटी विंग के प्रभारी डॉ. रविंद्र सिरोहा शामिल हैं। समिति को सभी महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि टीम यह जांच कर रही है कि मासूम बच्ची की उंगलियों और हथेली में संक्रमण कैसे फैला। परिजनों से बातचीत कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई है। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात का ऑपरेशन एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा, जिसके बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वहीं, चाइल्ड पीजीआई के प्रवक्ता ने बताया कि बच्ची के हाथ में गैंग्रीन हो गया है — यानी रक्त प्रवाह रुकने से ऊतक सड़ने लगे हैं। फिलहाल नवजात एनआईसीयू में भर्ती है और डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर रख रही है।
