उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में शुक्रवार को किसानों की महापंचायत आयोजित होगी। जिले सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सूरजपुर जिला मुख्यालय की ओर रवाना होंगे।

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में शुक्रवार को किसानों की महापंचायत आयोजित होने जा रही है। जिले और आसपास के गांवों से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सूरजपुर जिला मुख्यालय की ओर कूच करेंगे। किसानों का कहना है कि उनकी लंबित मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते अब आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गया है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत में किसान अपनी आवाज केंद्र तक पहुंचाने के लिए एकजुट होंगे।
किसान नेताओं ने बताया कि उनकी कई प्रमुख मांगें वर्षों से लंबित हैं, जिनमें सर्किल रेट में बढ़ोतरी, 64.7 प्रतिशत मुआवजा, 10 प्रतिशत आबंटित प्लॉट, एयरपोर्ट प्रभावित गांवों के लिए पुनर्वास नीति में सुधार, जेवर टोल को टोल-फ्री करना और युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अफसरों को बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे किसानों का सब्र अब टूट चुका है।
महापंचायत में उठेंगे ठोस मुद्दे
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र के किसान नेताओं का कहना है कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के वे गांव, जिनकी भूमि जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे या अन्य औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई, अब तक उचित मुआवजा प्राप्त नहीं कर सके हैं। उनका आरोप है कि एयरपोर्ट प्रभावित गांवों के लिए तैयार की गई पुनर्वास नीति में कई खामियां हैं, जिनका तुरंत सुधार किया जाना आवश्यक है। साथ ही, किसान जेवर टोल को टोल-फ्री किए जाने की मांग पर अडिग हैं और इसे अपने अधिकार का मुद्दा मानते हैं।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह महापंचायत पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की जाएगी। उनका कहना है कि सरकार के लिए यह एक गंभीर संदेश है—अगर उनकी मांगों पर अब भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक व संगठित रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इस महापंचायत का उद्देश्य केवल सरकार को चेतावनी देना नहीं, बल्कि किसानों की वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना भी है।
सूरजपुर महापंचायत: किसानों की एकता का मंच
गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ और बागपत सहित कई जिलों से सैकड़ों किसान 17 अक्टूबर को सूरजपुर मुख्यालय में एकत्र होंगे। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह दिन किसानों की एकता और शक्ति का प्रतीक बनेगा, जहां वे अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुट होकर आवाज बुलंद करेंगे। किसानों की प्रमुख मांगों में भूमि की सर्किल रेट में बढ़ोतरी का मुद्दा सबसे आगे है।
सर्किल रेट में बढ़ोतरी से किसानों को न केवल जमीन की बिक्री पर उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि सरकारी अधिग्रहण के दौरान भी उन्हें न्यायसंगत मुआवजा प्राप्त होगा। महापंचायत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सूरजपुर जिला मुख्यालय और आसपास के प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
