नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो में खड़ी मिनी बसें तकनीकी खामियों के कारण अभी तक संचालन शुरू नहीं कर पाई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, समस्याओं के समाधान के बाद इन बसों को इसी हफ्ते गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा रूट पर चलाया जाएगा। डिपो में कुल 305 बसें मौजूद हैं, जिनमें दस नई मिनी बसें शामिल हैं। निगम के बेड़े में फिलहाल कोई एसी बस नहीं है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो में खड़ी मिनी बसें तकनीकी समस्याओं के कारण अब तक संचालन शुरू नहीं कर पाई हैं। अधिकारियों का कहना है कि खामियों को दूर करने के बाद इन बसों को इसी हफ्ते गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा रूट पर उतार दिया जाएगा।
नोएडा–ग्रेटर नोएडा डिपो में कुल 305 बसें मौजूद हैं। दोनों डिपो को दस नई मिनी बसें आवंटित हुई थीं—जिनमें से आठ बसें नोएडा और दो ग्रेटर नोएडा को मिलीं। फिलहाल ये सभी बसें डिपो में खड़ी धूल फांक रही हैं, क्योंकि इन्हें अभी तक सेवा में नहीं लगाया गया है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि तकनीकी समस्याओं के कारण मिनी बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। इस संबंध में मुख्यालय से निरंतर पत्राचार किया जा रहा है और खामियों को दूर करने पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को जल्द से जल्द बस सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास तेज किए गए हैं।
निगम के बेड़े में एसी बसों की कमी
दोनों डिपो के पास अपनी कोई भी वातानुकूलित बस नहीं है। जिले के ग्रामीण रूटों पर 44 सीटर मिनी बसें चलाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया। संशोधित योजना के तहत ग्रामीण मार्गों पर अनुबंध आधारित निजी ऑपरेटरों की बसें चलाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए टेंडर भी कराए गए, लेकिन बाद में प्रक्रिया रद्द कर दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, अब इन मिनी बसों को नोएडा–ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद रूट पर संचालित किया जाएगा।
